Neither is this video from West Bengal, nor is it related to religions.

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A video is viral in which few people bash up a doctor in a clinic. The viral video is accompanied by different texts, some calling the video from West Bengal while other calling the mob to be of Muslim community.

यह CCTV फुटेज देखिए किस तरह मुसलमानों की भारी भीड़ डॉक्टरों को मारती है और पुलिस चुपचाप बैठकर तमाशा देख रही है .CCTV फुटेज के बाद भी एक भी गुनाहगार को सिर्फ इसलिए नहीं पकड़ा गया क्योंकि वह मुस्लिम है

Translation: “Watch this CCTV Footage how a big mob of Muslims has beaten Doctors while Police watch the it silently. Despite the proof of CCTV, the culprint is not arrtested just because he is a Muslim”

“This is why Doctors in West Bengal are asking for security. See the role of West Bengal Police…
Inspite of having clear CC TV footage, no action is taken 👇👇👇Forward this Vedio till it reaches to Amit Shah to take action against those idiots and Police Dept also.”

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The following tweet by Jitendra pratap singh till now has more than 1400 retweets

archived

Truth

Last week doctors were beaten up in West Bengal  by relatives of a patient, Mohammad Sayeed (75) who couldn’t be saved which led to doctors’ protest nation wide.

Adding fuel to the fire, few old videos from different places are viral claimed to be from West Bengal and the mob comprised of Muslims

This viral video is of last year as the time stamp on the top left says – 10-24-2018

The patient’s name was Sushma Bharodia who was not Muslim, so were her relatives.

She was brought in Emergency due to highly reduced Hemoglobin and unfortunately couldn’t be saved.

Dainik Bhaskar reported

भिंड. जिला अस्पताल में खून की कमी होने पर भर्ती एक महिला की मौत से गुस्साए परिजन ने बुधवार की रात इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. आरके अग्रवाल को चेंबर में घुसकर लात-घूसों से पीटा। परिजन तकरीबन डॉक्टर पर स्टूल-टेबल कुर्सी फेंक-फेंककर मारते रहे। अस्पताल में मौजूद एसएएफ का बंदूकधारी गार्ड आया और डॉक्टर को पिटता देखकर लौट गया। इसके बाद आरोपियों ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की खिड़कियां तोड़ते हुए एक घंटे तक हंगामा किया।

बुधवार-गुरुवार की रात 11.45 बजे हुई इस मारपीट व हंगामे की पूरी वारदात जिला अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित डॉक्टर्स ने इस मामले में चार अज्ञात लोगों के खिलाफ सिटी कोतवाली में मारपीट, सरकारी काम में बाधा सहित मप्र चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, सुषमा पत्नी सुबोध भदौरिया (40) नबादा बाग के परिजन डॉ. आरके अग्रवाल के पास आए और सुषमा की तबियत खराब होने की बात कही। डॉ. अग्रवाल ने सुषमा का चेकअप कर उन्हें ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया। परिजन 108 एंबुलेंस का इंतजाम कर रहे थे, तब तक 10 मिनट में सुषमा की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजन डॉक्टर अग्रवाल के चेंबर में घुसे और लात-घूसों व चांटों से पीटना शुरू कर दिया।

महिला सहित तीन अन्य लोग डॉक्टर को पीटते रहे और डॉक्टर सिर्फ अपने बचाव में सिर व चेहरे को छुपाते रहे। जिस वक्त डॉक्टर के साथ मारपीट की जा रही थी, तब वहां ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र एसएएफ गार्ड बृजकिशोर हंगामा सुनकर कमरे में आया। उसने वहां मौजूद लोगों को डॉक्टर अग्रवाल को पीटते हुए देखा और लौट गया। जब अटेंडेंट डॉक्टर को पीट-पीटकर थक गए जब उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की खिड़कियां में तोड़फोड़ की और एक घंटे तक जमकर हंगामा किया।

पांच दिन से भर्ती सुषमा थी सीवियर एनीमिक : जिला अस्पताल में मृत सुषमा सीवियर एनीमिक थी और वह 21 अक्टूबर से जिला अस्पताल में भर्ती थी। उसका हीमोग्लोबीन 3 से भी कम था। बुधवार व गुरुवार को सुषमा को दो बोतल ब्लड चढ़ाया गया लेकिन डायबिटीज होने की वजह से उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ था।

एक किमी दूर कोतवाली, नहीं आई पुलिस : जिला अस्पताल में एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान वहां सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य स्टाफ भी तैनात था लेकिन इसकी सूचना किसी ने पुलिस को नहीं दी। स्थिति यह रही कि इस रोड पर घूमने वाली एफआरबी भी घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंची। बमुश्किल डॉक्टर की जान बच सकी।

डाॅक्टर ने एफआईआर में लिखाया- एसएएफ गार्ड ने बचाने का प्रयास नहीं किया : जिला अस्पताल में रात 11.45 बजे जब सुषमा की मौत के बाद उसके अटेंडेंट डॉ. अग्रवाल को पीट रहे थे, उस वक्त ड्यूटी रूम में लगा सीसीटीवी कैमरा चालू था। एक महिला सहित अटेंडेंट ने डॉक्टर को जमकर पीटा। महिला ने स्टूल व टेबल पर रखा अन्य भी डॉक्टर को फेंककर मारा। मारपीट के दौरान सुरक्षा गार्ड कैलाश वहां आया और चंद सेकिंड रुका और डॉक्टर को बचाने का प्रयास किए बिना वहां से भाग गया। इस बात का उल्लेख डाॅ. अग्रवाल ने आवेदन में किया है।

Punjab Kesri reported

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