नहीं, राज्य सरकारें पेट्रोल व डीजल पर केंद्र सरकार से ज्यादा टैक्स नहीं वसूलतीं।

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पेट्रोलियम पदार्थ वाहनों के लिए जैसे ईंधन का काम करता है उसी तरह उसके बढ़ते और घटते दामों की चर्चा में भी ईंधन का काम करता है।
जब जब पेट्रोल और डिजल का दाम बढता है तो पेट्रोल व डिजल का दर एक अहम मुद्दा बनकर सामने आता है और फ़िर खेल शुरु होता है कि कौन सी सरकार ज्यादा  टैक्स लेती है केन्द्र या राज्य ?
इन सब चर्चा के बीच सोशल  मिडिया पर एक पोस्ट वायरल होने लगती है कि राज्य सरकारें ज्यादा टैक्स लेती हैं जैसे कि ,

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पर इस लड़ाई के बीच सच का पता नहीं लग पाता है तो चलिए आज जानते हैं कौनसी सरकार कितना टैक्स लेती है, पेट्रोल डीजल का दाम कैसे तय होता है  और बढ़ता है |

 

Truth

कच्चा तेल का दाम  अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कम या  ज्यादा होता रहता है जिसके अपने अपने कारण होते हैं | कच्चा तेल का व्यापार  अंतर्राष्ट्रीय  बाजार में डॉलर में होता है | कच्चे तेल को बैरल के हिसाब से खरीदा जाता है , एक बैरल यानि १५९ लीटर।
 दिनांक ५ जुलाई २०२१ को प्रति बैरल कच्चा तेल का मूल्य $ ७६.४९ था जो की भारतीय रुपए में  ५६८२ रुपए होगा।  तो यदि हमे १ लीटर कच्चे तेल का दाम चाहिए तो ५६८२/१५९ करने पर ३५.७३ रुपए मिलेगा जो की कच्चे तेल का बेस मूल्य है, इस कच्चे तेल की प्रोसेसिंग , रिफाइन, OMC मार्जिन, फ्राइट  कॉस्ट  व् ढुलाई  की लागत के बाद  केंद्र सरकार की Excise Duty व् अन्य कर जो की ३२.९० रुपए है फिर राज्य सरकार द्वारा वसूला जानेवाला VAT मिलाकर बाजार में पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल मिलता है इन सब में पेट्रोल डीलर का कमीशन भी  होता है।
उदाहरण के लिए ०५ जुलाई २०२१ को दिल्ली में पेट्रोल व डीजल के दाम को देखते हैं

 

Loksabha

लोकसभा में पेट्रोल उत्पादों की बढ़ रही कीमत पर भी सवाल जवाब हुआ।

दिनांक 19 जुलाई २०२१ को लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पूरी जी ने ” पेट्रोल उत्पादों की बढ़ती कीमतें ” के प्रश्न पर लोकसभा में जवाब दिया जो की लोकसभा की वेबसाइट पर १९.०७.२१ मेंबर मुरलीधरन, श्री के., प्रेमचंद्रन, श्री एन. के. “Increasing Prices o Petroleum Products” विषय में विस्तार से बताया है की दिनांक १५ जुलाई २०२१ की स्तिथि  के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के मूल्य का ब्यौरा निम्नानुसार है :

Link : http://164.100.24.220/loksabhaquestions/qhindi/176/AS3.pdf

Source

 

लोकसभा में मंत्रीजी ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल व् डीजल पर वसूले जा रहे उत्पाद शुल्क (Excise Duty) के बारे में जवाब दिया जो की क्रमशः ३२.९० रुपए और ३१.८० रुपए है।
जबकि दिल्ली सरकार (अलग अलग राज्यों में VAT अलग अलग है ) पेट्रोल व् डीजल पर क्रमशः २३.४३ रुपए और १३.१४ रुपए VAT लेती जो की केंद्र सरकार की तुलना में कम है अर्थात केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों पर एक्साइज Excise Duty  वसूलती जो की राज्य सरकार के VAT की तुलना में ज्यादा है |
सभी राज्यों में VAT  अलग अलग है जिसे PPAC (Petroleum  Planning and Analysis Cell ) की वेबासाईट से प्राप्त किया जा सकता है |

Link :https://www.ppac.gov.in/content/149_1_PricesPetroleum.aspx

PPAC की वेबसाइट पर पेट्रोलियम (Petroleum) पर क्लिक करने के बाद बाएं तरफ के बॉक्स में Prices के ऑप्शन पर क्लिक करने से दाहिनी तरफ सेल्स टैक्स ( Sales Tax ) का ऑप्शन दिखाई देगा।  सेल्स टेक्स पर क्लिक करने के बाद  एक एक्सेल शीट मिलेगी जिसमे सभी  राज्यों द्वारा वसूला जानेवाले VAT का विवरण  है |

 

PPAC की वेबसाइट पर  Statement Showing the Actual rates of State taxes/GST उपलब्ध है। अलग अलग राज्यों में VAT की दर अलग अलग है।

 

अन्य मिडिया संस्थानों ने भी पेट्रोलियम पदार्थो पर लगनेवाले Excise Duty और VAT का फैक्ट चेक किया है जिसकी लिंक नीचे दी गई है।

Fact Checked by News Media :

  1. The Quint : https://www.thequint.com/news/webqoof/petrol-price-no-state-govt-does-not-charge-more-tax-than-centre-on-petrol
  2. FactChecker : https://www.factchecker.in/explained:-how-govt-is-relying-on-petrol-taxes-to-afford-welfare-costsexplained:-how-govt-is-relying-on-petrol-taxes-to-afford-welfare-costs
  3. BusinessStandard : https://www.business-standard.com/article/economy-policy/central-govt-s-tax-collection-on-petrol-diesel-jumps-300-in-six-years-121032200841_1.html

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DrNileshPasi

Doctor| Fact Checker at @smhoaxslayer | https://smhoaxslayer.com/author/nilesh-pasi/